महाविद्यालय के प्रतीक चिन्ह पर अंकित आदर्श वाक्य "ज्ञानम् परमम् ध्येयम्" हमारे संस्थान की मूल भावना को अभिव्यक्त करता है। इसका आशय है कि ज्ञान ही मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च ध्येय है। ज्ञान न केवल व्यक्ति के बौद्धिक विकास का आधार है, बल्कि वह उसके चरित्र निर्माण, सामाजिक चेतना तथा राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी आदर्श को केंद्र में रखकर शासकीय नवीन महाविद्यालय, आमदी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने हेतु सतत् प्रयत्नशील है। शासकीय नवीन महाविद्यालय, आमदी की स्थापना सत्र 2018-19 में आमदी एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई। जिला मुख्यालय धमतरी से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह महाविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बनकर उभरा है। स्थापना के अल्प समय में ही महाविद्यालय ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज के मध्य अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। महाविद्यालय में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकायों के अंतर्गत विविध विषयों का अध्यापन किया जा रहा है। यहाँ अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण एवं कृषिप्रधान पृष्ठभूमि से आते हैं। संस्था अपनी सामाजिक एवं शैक्षणिक जिम्मेदारी के प्रति पूर्णतः सजग है तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मविश्वासी, सक्षम एवं उत्तरदायी नागरिक के रूप में विकसित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। महाविद्यालय पारंपरिक ज्ञान एवं आधुनिक शिक्षा के समन्वय के माध्यम से विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक एवं व्यक्तित्वगत विकास को प्रोत्साहित करता है।
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